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Book Code: 1111015987052

नाशाद कानपुरी (Naashad Kanpuri), By S. M. Nigam

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पुस्तक के बारे में

नाशाद साहब की शायरी में दर्द का एक ख़ास स्थान है। स्वयं उनके शब्दों में,  ‘मेरे यहाँ गम का मर्तबा बहुत बुलंद है। वह एक ऐसा पाक़ जज़्बा है जो आदमी को इंसान बना दे,  गम अंगेज या उम्मीद शिकन नहीं - वो दूसरों से मुहब्बत करना,  उनके दुःख में शरीक होना,  उनका हाथ बटाना सिखाता है’;

मौत क्या है आप ही खुल जाएगा
पहले समझो ज़िंदगी क्या राज़ है
जात पात और धर्म के भेद भाव को वह नहीं मानते
कुछ समझते ही नहीं अहले-हरम
वरना जो सज्दा है काबा साज़ है
सीधी सादी भाषा में अनुभूतियों को व्यक्त करना
उनकी ख़ासियत है।
आग देता है बागबाँ किसको
हाय जालिम,  यह आशियाना है
उनकी शायरी में जीवन के हर रंग को जगह मिली है।

लेखक का परिचय

श्रीधर प्रसाद निगम ‘नाशाद’ कानपुरी (1908-1970) उर्दू साहित्य जगत की एक जानी मानी हस्ती थे। वे अंग्रेजी साहित्य में एम. ए. थे और उत्तर प्रदेश सरकार में डिप्टी कलेक्टर के पद से रिटायर हुए थे। वे एक बेहद स्वाभिमानी व्यक्ति थे और आजादी के पहले और आजादी के तुरंत बाद की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों का उनके व्यक्तित्व और साहित्य पर गहरा प्रभाव था।

उनकी शायरी का पहला संकलन ‘कैफ-ए-सरमदी’ 1952 में और दूसरा ‘सुरूर-ए-सरमदी’ सन् 1970 में छपा था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1970 में ‘सुरूर-ए-सरमदी’को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने कुछ कहानियाँ और लेख भी लिखे जो उर्दू की जानी मानी पत्रिकाओं में छपे।

तत्कालीन कवि और समीक्षक जैसे ‘फ़िराक’गोरखपुरी, अर्श मल्सियानी,  ‘जिगर’बरेलवी,  डॉ.  आले अहमद ‘सुरूर’,  अफ़कर मोहानी वारसी,  प्रो.  रशीद अहमद सिद्दीकी और वीरेन्द्र प्रसाद सक्सेना उनकी शायरी से बेहद प्रभावित थे।
‘सुरूर-ए-सरमदी’का यह देवनागरी संस्करण है

अनुक्रमणिका

1. अर्ज़े नियाज़................................................................23

2. मिक़ालात....................................................................25

3. कलाम ए नाशाद.........................................................49

4. मुतालआत...................................................................55

5. ग़ज़लियात...................................................................65

6. मुतफ़र्रिक़ अशार.......................................................191

7. रुबाइयात...................................................................207

8. नज़मियात वगैरह.......................................................213

9. क़तात.......................................................................229


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Last updated: 23-Sep-2019   Designed by IndiaPRIDE.com